खरगोन में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में बड़ा घोटाला सामने आया है। विभाग के अधिकारियों ने 84 लाख 39 हजार 977 रुपए की छात्रवृत्ति का गबन किया है।
मामले में सहायक संचालक इतिशा जैन, डीडीओ क्रिएटर अभिषेक दुबे और लेखा प्रभारी शेखर रावत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों ने साल 2021-22 और 2022-23 में पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति को 79 फर्जी खातों में डालकर निकाल लिया।
कर्जदाताओं के दबाव में की गड़बड़ी
जांच में पता चला कि लेखा प्रभारी शेखर रावत ने कर्जदाताओं के दबाव में यह गड़बड़ी की। उन्होंने छात्रों के खातों में हेरफेर कर राशि निकाली और अपना कर्ज चुका दिया। रावत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
सहायक संचालक इतिशा जैन ने खुद इस मामले की शिकायत की थी। लेकिन जांच में उनकी मॉनिटरिंग में भी कमी पाई गई। फिलहाल उन्हें हाईकोर्ट से स्टे मिल गया है। वहीं डीडीओ क्रिएटर अभिषेक दुबे ने अपने दायित्वों का पालन नहीं किया और चार्ज अस्थाई रूप से प्रभारी को दे दिया।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर यह मामला दर्ज हुआ है। जून 2024 में तत्कालिक अपर कलेक्टर जेएस बघेल की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने गबन की रिपोर्ट सौंपी थी। एसपी धर्मराज मीणा के अनुसार, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस बिल और वाउचर सहित अन्य दस्तावेज जुटा रही है।
गलत तरीके से किया राशि का आहरण
कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि ओबीसी डिपार्टमेंट में जांच हुई थी। इसमें क्रिएटर और अप्रूवर रहते हैं। इनके सिग्नेचर से राशिका आहरण होता है। डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर गलत तरीके से राशि का आहरण किया गया है। इसमें हमने वसूली के आदेश भी दिए हैं। साथ ही एफआईआर में क्रिएटर अप्रूवल सहित तीन लोगों को अभी जिम्मेदार माना है।
यदि जांच में और भी लोग शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें भी पार्टी बनाया जाएगा। अभी प्राथमिक तौर पर तीन लोगों पर एफआईआर की गई है। इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है, इसलिए विभाग का जो वरिष्ठ अधिकारी होता है, वही जिम्मेदार होता है। इसलिए सहायक संचालक को पार्टी बनाया है। इसमें पहले ही एफआईआर के निर्देश हुए थे।