स्टील प्लांट का अफसर डिजिटल अरेस्ट, 49 लाख ठगे:ट्राई का अधिकारी बताया, क्राइम के नाम पर डराया; झारखंड के 3 आरोपी मुंबई-कोलकाता से गिरफ्तार

दुर्ग-भिलाई में साइबर ठगों ने स्टील प्लांट के अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर 49 लाख रुपए ऐंठ लिए। इसके अलावा दूसरे केस में एप में रेटिंग बढ़ाने के नाम पर सवा 3 लाख रुपए ठगे गए। दोनों फ्रॉड एक ही गिरोह के सदस्यों ने अंजाम दिया।

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मामला भिलाई नगर और भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने एक आरोपी को मुंबई और 2 आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। कोलकाता से पकड़े गए 2 आरोपी झारखंड के रहने वाले हैं, जो साइबर ठगों को म्यूल अकाउंट भी उपलब्ध कराते थे।

पहला केस-

जानकारी के मुताबिक इंद्रप्रकाश कश्यप (50) नाम के व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। 16 नवंबर 2024 को भिलाई नगर थाने में पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसके पास एक कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का अधिकारी बताया।

ठगों ने कहा कि आपके आधार कार्ड का दुरुपयोग आपराधिक कार्य के लिए हुआ है। उन्होंने इंद्र प्रकाश पर कार्रवाई करने की बात कहते हुए उसे डिजिटल अरेस्ट किए जाने की जानकारी दी। जब इंद्र प्रकाश काफी डर गया तो उन लोगों ने उससे पैसों की डिमांड की।

डिजिटल अरेस्ट का नाम सुनकर और बड़ी कार्रवाई के डर से पीड़ित ने 49 लाख 1196 रुपए अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। बता दें कि इंद्रप्रकाश पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित एक स्टील प्लांट में अधिकारी है। भिलाई में उसका घर है।

इंद्रप्रकाश को ठगी का एहसास हुआ तो उसने भिलाई नगर थाने जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

दूसरा केस-

इसके साथ ही 10 दिन पहले भिलाई-3 थाने में सवा 3 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया गया था। यह ठगी एप में रेटिंग बढ़ाने के नाम पर हुई थी। इसमें पहले पीड़ित को रेटिंग बढ़ाने के नाम पर पैसे देने का लालच दिया गया।

रेटिंग करने पर कुछ पैसे भी दिए, फिर ज्यादा कमाई का लालच देकर दूसरे टास्क दिए गए। अब पैसे देने पर टैक्स की बात कही गई। इसके लिए पीड़ित से पैसे मांगे गए। इस तरह सवा तीन लाख रुपए की ठगी की गई।

दोनों ने पूछताछ में सद्दाम मुल्ला नाम लिया

 

दोनों ने पूछताछ में सद्दाम मुल्ला का नाम उगला। जिसके बाद दुर्ग पुलिस ने सद्दाम मुल्ला को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है।

 

पुलिस ने बताया कि सद्दाम मुल्ला डिजिटल अरेस्ट मामले में भी शामिल था। डिजिटल अरेस्ट केस में पहले ही 3 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है, जिसकी तलाश जारी है।

ठगी की रकम को कई अलग-अगल खातों में सर्कुलेट

पुलिस के मुताबिक ठगी करने के बाद आरोपी ठगी की रकम को कई अलग-अगल खातों में सर्कुलेट करते थे। पहले उन्होंने राजस्थान में अपने दोस्तों के खातों में पैसा ट्रांसफर किया। इसके बाद उस रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया।

झारखंड के रहने वाले आरोपी नरेंद्र उर्फ टिंकू, उपेंद्र और सुखबीर सिंह ठगों को म्यूल अकाउंट भी उपलब्ध कराते थे। खाते से रकम ट्रांसफर करने के लिए 3 प्रतिशत कमीशन मिलता था। फिलहाल, आगे की जांच जारी है।

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