छत्तीसगढ़ के दुर्ग के बेलौदी गांव में सरपंच चुनाव जीतने के लिए तंत्र-मंत्र और जादू टोना किया गया। जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, तो बैगा भाग गए। मौके पर नींबू, चावल, चाकू, बंदन समेत कई सामान मिले हैं। अब लोगों का कहना है कि, इस बार वो तंत्र-मंत्र नहीं कर पाया, इसलिए चुनाव हार गया।
वहीं, तिरगा गांव में मतदान के समय दिव्यांग और बुजुर्गों को मतदान काउंटर तक ले जाने के लिए रेडक्रॉस और स्काउट बच्चों की ड्यूटी लगाई गई थी। भाजपा समर्थित सरपंच प्रत्याशी मुकेश बेलचंदन ने आरोप लगाया है कि, उन बच्चों को 5-5 हजार रुपए देने का लालच देकर दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में वोट डलवाया गया।
जानिए क्या है पूरा मामला
पहला मामला: ग्राम पंचायत बेलौदी में पहले चरण के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले 16 फरवरी की रात जादू-टोना किया जा रहा था। जिसे ग्रामीणों ने देख लिया, लेकिन उनके पहुंचने से पहले बैगा भाग गए। दूसरे सरपंच प्रत्याशी जावंतिन देशमुख और उनके समर्थकों ने पूर्व सरपंच मुकुंद राम पार्कर पर तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाया है।
जादू-टोना कर जीत रहा चुनाव- ग्रामीण
गांव वालों का आरोप है कि, वो जादू-टोना कर पिछले 3 बार से सरपंच का चुनाव जीत रहा है। इस बार भी वो ऐसा ही कर रहा था, लेकिन समय पर ग्रामीणों ने बैगाओं को देख लिया। इसलिए वो डर कर सामान छोड़कर भाग गए। अंधेरे की वजह से बैगाओं को देख नहीं पाए। एक झोले में नींबू, बंदन, चाकू और जादू-टोने सामान बरामद हुआ है।
लिखित शिकायत नहीं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं- पुलिस
घटना के बाद ग्रामीण हंगामा करने लगे। गांव में आक्रोश बढ़ते देख सूचना पर जेवरा सिरसा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। उन्हें समझाइश दी, लेकिन ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच मुकुंद राम पार्कर पर कार्रवाई की मांग की है। जेवरा सिरसा चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम कुर्रे का कहना है कि, किसी ने थाने में लिखित शिकायत नहीं की है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जादू-टोना नहीं कर पाने से हारा चुनाव- जावंतिन देशमुख
हालांकि, सोमवार को मतदान के बाद सरपंच का चुनाव प्रत्याशी जावंतिन देशमुख जीत गई। उनके समर्थकों का आरोप है कि, इस बार पूर्व सरपंच जादू-टोना नहीं कर पाया, इसलिए वो चुनाव हार गया। सरपंच प्रत्याशी की समर्थक दुर्गेश्वरी देशमुख ने आरोप लगाया कि, सरपंच ने पिछली बार 2 लाख देकर बैगा को बुलाया था। काला जादू कर वो चुनाव जीत रहा था।
बीजेपी समर्थित प्रत्याशी ने मतगणना स्थल का किया घेराव
दूसरा मामला: दुर्ग के तिरगा गांव में पंचायत चुनाव के बाद ग्रामीणों ने सोमवार देर शाम जमकर बवाल किया। ग्रामीणों ने प्रलोभन देकर मतदान कराने का आरोप लगाते हुए मतगणना स्थल का घेराव कर दिया। जनपद में मतगणना के बाद कांग्रेस समर्थित सरपंच प्रत्याशी घसियाराम 30 वोटों से जीत गए।
भाजपा समर्थित प्रत्याशी मुकेश बेलचंदन ने कहा कि, उनकी एक नहीं सुनी गई और घासियाराम को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया गया। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को आवेदन देकर रिकाउंटिंग की मांग की है।
रेडक्रॉस और स्काउट के बच्चों को दिया प्रलोभन
वोटिंग के दौरान दिव्यांग और बुजुर्गों को मतदान काउंटर तक ले जाने के लिए रेडक्रॉस और स्काउट के स्कूली बच्चों की ड्यूटी लगाई गई थी। बच्चों ने आरोप लगाया कि, जीते सरपंच प्रत्याशी ने उन्हें 5-5 हजार रुपए देने का लालच दिया था कि, वो जिन बुजुर्ग और दिव्यांग को वोट डलवाने ले जा रहे हैं, उनसे उसके पक्ष में वोट डलवाएं। लेकिन बाद में उन्हें पैसे भी नहीं दिए गए।
करीब 250 वोट अपने पक्ष में कराया
सरपंच प्रत्याशी मुकेश बेलचंदन का आरोप है कि, रेडक्रॉस और स्काउट के बच्चों के जरिए जीते हुए प्रत्याशी ने 250 से अधिक वोट अपने पक्ष में कराया है। उन्होंने कहा कि, इस मामले की जांच होनी चाहिए और रिकाउंटिंग करवाई जानी चाहिए।
आज दुर्ग कलेक्टोरेट का करेंगे घेराव
भाजपा नेता और सरपंच प्रत्याशी मुकेश बेलचंदन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ दुर्ग कलेक्टोरेट घेराव करने पहुंच सकते हैं। अभी गांव में ही उनकी मीटिंग चल रही है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, वो खुद कलेक्टर को लिखित में आवेदन देकर दोबारा काउंटिंग या फिर मतदान कराने की मांग करेंगे।