छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों के पखारे पांव, रतनपुर का वैभव लौटाने लिया संकल्प

बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने जन्म दिवस पर रतनपुर में सफाई कर्मचारियों का पद प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया और ऐतिहासिक नगरी के गौरव को लौटाने का वादा किया. महामाया देवी के दर्शन कर उन्होंने राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की.

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जनदिन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मकान की चाबियां सौंपी. कार्यक्रम में लगभग 2 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की गई, जिसमें 30 लाख रुपए के छह ई-रिक्शा भी शामिल हैं. उप मुख्यमंत्री ने कहा रतनपुर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है. पिछले 10 महीनों में 6 करोड़ रुपए की योजनाओं को पूरा किया गया है. हम इस नगरी के गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए ईमानदारी से कार्यरत हैं.

उपमुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओ ने तौला लड्डूओ से

जन्म दिवस पर उप मुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओ ने लड्डुओं से तौला और मिठाई वितरित किया. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें गुलदस्ता भेंटकर शुभकामनाएं दीं.

मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1552 में हुआ था.

मंदिर का जीर्णोद्धार वास्तुकला विभाग द्वारा कराया गया है.

मंदिर का स्थापत्य कला भी बेजोड़ है.

गर्भगृह और मंडप एक आकर्षक प्रांगण के साथ किलेबंद हैं.

जिसे 18 वीं शताब्दी के अंत में मराठा काल में बनाया गया था.

भारत में फैली 52 शक्तिपीठों में से एक है. देवी महामाया शक्तिपीठ रतनपुर.

मंदिरों और तालाबों का यह नगर मां महामाया के नगर के नाम से विख्यात है.

न्यायधानी बिलासपुर से तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है रतनपुर.

आदिशक्ति मां महामाया देवी की पवित्र पौराणिक नगरी रतनपुर का इतिहास प्राचीन एवं गौरवशाली है.

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