बच्ची के साथ किया था डिजिटल रेप, अब मकान मालिक को 20 साल की कैद, जानें क्या होता है ये?

उत्तर प्रदेश के नोएडा में मकान मालिक की चार साल की बच्ची से डिजिटल रेप करने के मामले में दोषी किरायेदार को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही जिला न्यायालय ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. वहीं जुर्माना न देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. केस की सुनवाई अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो दो) सौरभ द्विवेदी ने की.

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विशेष लोक अभियोजक चवनपाल सिंह ने बताया कि नोएडा फेज-2 के गांव में औरैया निवासी दीपक किराये के मकान में रहता था. दीपक ने 2019 में घर के बाहर खेल रही मकान मालिक की चार साल की बच्ची को अपने कमरे में बुलाकर ले गया. इसके बाद उसने बच्ची के साथ डिजिटल रेप किया. बच्ची के रोने की आवाज को दबाने के लिए आरोपी ने कमरे में चल रहे टीवी की आवाज तेज कर दी. हालांकि, बच्ची के रोने की आवाज सुनकर लोगों ने दीपक को पकड़ लिया

कोर्ट में पेश कर भेजा गया जेल

बच्ची के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजा. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की अदालत ने दीपक को दोषी ठहराया और 20 साल के कारावास की सजा सुनाई. साथ ही जुर्माना भी लगाया. इससे पहले 2019 में ही नोएडा में हुआ था. मामले में पश्चिम बंगाल का रहने वाला आरोपी अकबर अली अपनी बेटी से मिलने नोएडा आया था. यहां उसने अपनी बेटी के घर के बगल में रहने वाली 3 साल का डिजिटल रेप किया था. अकबर अली को कोर्ट ने सजा भी सुनाई थी.

क्या होता है डिजिटल रेप?

डिजिटल रेप का मतलब होता है जब आरोपी पीड़िता का सेक्सुअल असॉल्ट अपने हाथ या फिर पैर की उंगलियों से करता है. यह कानून निर्भया केस के बाद आया था. साल 2013 में इस कानून को मान्यता मिली. पॉक्सो एक्ट में अपराध की गंभीरता को देखते हुए 20 साल से उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. वहीं अगर पीड़िता की मृत्यु हो जाती है तो आरोपी को फांसी की भी सजा हो सकती है.

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