चंदौली : डीडीयू नगर के हनुमानपुर रावत बस्ती में खोले जा रहे शराब ठेके के विरोध में पिछले सात दिनों से महिलाओं और बच्चों का धरना जारी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में शराब की दुकान खोले जाने से सामाजिक माहौल खराब होगा और यहां के रहवासियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
इस मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है. चंदौली लोकसभा सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस मुद्दे को संसद में उठाते हुए कहा कि सरकार दलित,गरीब बस्तियों में ठेके खोलने का काम करती है प्रशासन से ठेका हटाने की मांग की. सांसद ने कहा कि प्रशासन को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस ठेके को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए.
धरना दे रहे लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा है वहां से कुछ ही दूरी पर प्राचीन काली मंदिर स्थित है जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी. विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह से रिहायशी है, जहां शराब की दुकान खुलने से अपराध और सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा मिलेगा.
सांसद द्वारा इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने के बाद विरोध प्रदर्शन को और बल मिला है. स्थानीय लोग जिला प्रशासन से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक ठेके को हटाने का निर्णय नहीं लिया जाता, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस विरोध को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जनता की मांग को पूरा कर ठेके को अन्यत्र शिफ्ट करने का फैसला किया जाता है या नहीं.