‘जितनी गाली, उतना खिलेगा कमल’— राहुल के मंच से PM पर अपशब्दों पर बोले अमित शाह

बिहार में इस साल के अंत में चुनाव है. ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुंच गया है. बिहार में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक शख्स द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर किए गए अपशब्दों के इस्तेमाल के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पलटवार किया है.

अमित शाह ने असम की राजधानी गुवाहाटी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 27 देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है. ऐसा पीएम जिनको पूरी दुनिया सम्मानित करती है. लेकिन भारत की राजनीति में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने जिस प्रकार से घृणा और तिरस्कार की नकारात्मक राजनीति की शुरुआत की है. उसका निम्न स्तर का प्रदर्शन उनकी घुसपैठिया बचाओ यात्रा में देखने को मिला. कांग्रेस ने बिहार में घुसपैठिया बचाओ यात्रा निकाली है, जिसमें राहुल गांधी के स्वागत मंच से पीएम नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय माताजी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो कांग्रेस के नेताओं ने सबसे घृणित काम किया है.

शाह ने कहा कि इस मंच से राहुल गांधी ने जिस प्रकार से घृणा की राजनीति की शुरुआत की है. पीएम मोदी जी की स्वर्गीय माताजी के लिए जिस तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया. उसकी मैं ह्रदय से निंदा करता हूं और मैं पूरे देश की जनता को भी कहना चाहता हूं कि जिस प्रकार की राजनीति मुद्दाविहीन राजनीति, नकारात्मक और घृणा की राजनीति राहुल गांधी ने शुरू की है. वह हमारी सार्वजनिक जीवन को ऊंचाई नहीं देगी बल्कि गर्त में ले जाएगी.

गृहमंत्री ने कहा कि और ये घृणा की राजनीति आज से नहीं है. मोदी जी जब से पद पर बने हुए हैं, तभी से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह, मणिशंकर अय्यर, जयराम रमेश, रेणुका चौधरी हर कांग्रेसी नेता ने मोदी जी के लिए अपशब्द कहे हैं. कोई मौत का सौदागर कहता है, कोई जहरीला सांप कहता है, कोई नीच कहता है, कोई रावण बताता है. कोई भस्मासुर बताता है. कोई वायरस कहता है. कांग्रेस के नेता क्या समझते हैं. इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कर आपको जनादेश मिलेगा? मैं आज कांग्रेस के नेताओं को कहना चाहता हूं कि जितनी ज्यादा गालियां आप बीजेपी को दोगे, कमल का फूल उतना ही बड़ा होकर आसमान तक पहुंचेगा.

उन्होंने कहा कि हर चुनाव में आपने (कांग्रेस) प्रयास करके देख लिया लेकिन फिर भी इससे कुछ नहीं सीखा. हर चुनाव में आपने गाली दी और मुंह की खाई और फिर विजय को झुठलाने के लिए ये घुसपैठिया बचाओ यात्रा लेकर निकले. ये घुसपैठिया बचाव यात्रा कुछ नहीं है बल्कि घुसपैठियों को बचाने का प्रयास है. अपने वोटबैंक को बचाने की कोशिश है. मैं देशभर की जनता से पूछना चाहता हूं कि किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र में लोकतंत्र का आत्म चुनाव होता है. अगर घुसपैठिए मतदाता सूची में घुसकर चुनाव को प्रदूषित करें तो कोई भी राष्ट्र कैसे सुरक्षित रह सकता है? कांग्रेस पार्टी ने जो ये शुरू किया है, देशभर की जनता अचंभित और दुखी होकर इनके कुत्सित प्रयास को देख रही है.

अमित शाह ने कहा कि मैं जनता हूं कि जनता को इनका समर्थन नहीं है. लेकिन दो दिन पहले जो हुआ, उसने सभी सीमाएं लांघ दी है. मोदी जी की स्वर्गीय माताजी का जीवन गरीबी में अपनी सभी संतानों को संस्कारित करके ऐसे स्तर पर पहुंचा, जहां बेटा विश्व का नेता बने और ऐसे जीवन को अपशब्दों से बोलना… ये भारत की जनता कभी सहन नहीं कर सकती. इससे ज्यादा राजनीति में सार्वजनिक जीवन में कोई पतन नहीं हो सकता. मैं फिर से एक बार कांग्रेस के कुत्सित प्रयासों की घोर निंदा करता हूं और आग्रह करना चाहता हूं कि अगर राहुल गांधी में जरा भी शर्म बची है तो मोदी जी और उनकी स्वर्गीय माता जी और देश की जनता से जरूर माफी मांगे. ईश्वर सबको सद्बुद्धि दे.

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