‘असली कुंभ माघ में ही समाप्त, अब तक तो सरकारी चल रहा…’ – शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद..

प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ अब समाप्त हो चुका है. इस दौरान 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. 26 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ इसका समापन हो गया. इसको लेकर सीएम योगी ने जानकारी भी दी. आज यानी कि गुरुवार को महाकुंभ का समापन कार्यक्रम है, इस बीच शंकराचार्य ने कुंभ को सरकारी कुंभ बताया है.

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ज्योतिर्मठ पीठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने महाकुंभ आयोजन को सरकारी आयोजन बताया है. उन्होंने कहा कि असली कुंभ तो पूर्णिमा को ही समाप्त हो चुका है. कुंभ केवल माघ महीने में ही होता है जो पूर्णिमा को पूरा हो चुका है. अब वहां जो चल रहा है यहां जिसे चलाया गया वह एक सरकारी कुंभ है. उन्होंने कहा कि माघ महीने की पूर्णिमा के दिन सभी ‘कल्पवासी’ वहां से चले गए थे, कुंभ तभी पूरा हुआ था.

गाय को लेकर पार्टियां अपना रूख स्पष्ट करें-शंकराचार्य

गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौ रक्षा कानून बनवाने के लिए संत समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है. शंकराचार्य ने कहा कि देश की सभी राजनीतिक पार्टियां और सरकारें 17 मार्च तक अपना रूख स्पष्ट करें कि वे गौमाता को लेकर क्या सोचते हैं और क्या उनका स्टैंड है. उन्होंने कहा कि 17 मार्च की शाम को हम सभी दिल्ली में बैठकर देखेंगे. उसके बाद हम अपनी नीति अपनाएंगे.

कुंभ समापन पर क्या बोले सीएम योगी?

सीएम योगी आदित्यनाथ से X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मानवता का महायज्ञ, आस्था, एकता और समता का महापर्व महाकुंभ, प्रयागराज महाशिवरात्रि के पवित्र स्नान के साथ ही अपनी पूर्णाहुति की ओर अग्रसर है.

13 जनवरी, पौष पूर्णिमा से प्रारंभ महाकुंभ, प्रयागराज में 26 फरवरी महाशिवरात्रि की तिथि तक कुल 45 दिनों में 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया. विश्व इतिहास में यह अभूतपूर्व है-अविस्मरणीय है.

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