सवा करोड़ गंवा चुके शिक्षक की आपबीती: रात-रात जागकर खेला ऑनलाइन गेम, खेत-प्लॉट सब बिक गए

सुलतानपुर: गलती तो मेरी ही है, लेकिन सरकार अगर आनलाइन गेमिंग कानून पहले लाई होती तो शायद आज मेरा यह हाल न होता. खेत-प्लाट सब बिक गया, बच्चों की फीस से लेकर खाने-कपड़े की किल्लत हो गई लेकिन अब और नहीं… यह कहते-कहते शिक्षक फूलचंद का गला भर आया और आंखों में पश्चाताप के आंसू छलक आए. लखनऊ में पिछले दिनों आनलाइन गेमिंग की लत से परेशान छात्र की आत्महत्या के बाद शिक्षक फूलचंद एक प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कि किस तरह से आनलाइन गेमिंग की लत ने लोगों के घर बर्बाद किए. जूनियर स्कूल में अध्यापक फूलचंद सिर्फ नौ महीने में ही आनलाइन गेमिंग में सवा करोड़ रुपये हार गए. वेतन पर 31 लाख कर्ज लेने के साथ ही इधर-उधर काफी पैसा लेकर गेम खेल डाला, अब उनके ऊपर 49 लाख का कर्ज है.

लोगों के तगादे से तंग आकर परिवारजन ने सप्ताह भर पूर्व अलग कर दिया. अब वह अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों को लेकर किराये के मकान में रह रहे हैं. अब साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएंगे. फूलचंद गुप्ता ने नवंबर 2024 से राजा मोबाइल गेम एप, रमी सर्किल, खेल प्ले रमी, रमी वार्स और दमन मोबाइल एप पर खेलना शुरू किया. इसमें वे लगभग सवा करोड़ रुपये हार चुके हैं. वेतन पर 31 लाख का कर्ज लेने के साथ ही 15 लाख साथियों से उधार लिया है. बकौल फूलचंद शुरुआत में सात लाख रुपये लगाए थे.

इसके बाद 18 लाख रुपये रिटर्न मिले, बस यहीं से लत लग गई. रात रातभर जागकर गेम खेलते और एक-एक हफ्ते तक सोते नहीं. पैसों की जरूरत होती तो कभी दोस्तों से उधार मांगते तो कभी आनलाइन लोन ले लेते. जब रात को मित्रों को मैसेज करके सोते तो पत्नी उठकर मैसेज देखती नंबर नोट करती और सुबह स्कूल जाने के बाद उन नंबरों पर काल कर पैसे देने से मना करतीं. नगर क्षेत्राधिकारी प्रशांत सिंह ने बताया कि साइबर थाने की टीम ऐसे स्कैम करने वालों की धर-पकड़ में लगी है.

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