सर्व शिक्षा अभियान जिसके अंतर्गत सभी को शिक्षा का अधिकार दिया गया है. इसी के तहत 1 अप्रैल से स्कूल चलो अभियान भी शुरू किया गया है. ताकि गरीब और असहाय परिवार का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. लेकिन गाजीपुर के कंपोजिट विद्यालय गौसपुर बुजुर्गा में एक अलग ही नजारा देखने को मिला. यहां पर एक दलित बच्चों को इसलिए विद्यालय से प्रधानाचार्य के द्वारा निकाल दिया गया कि वह अपने दोस्तों के साथ विद्यालय में भोजपुरी गीत गा रहा था.
यह बात प्रिंसिपल को इतनी नागवार गुजरी कि उसे विद्यालय से ही निकाल दिया. एक महीने बाद भी छात्र को स्कूल में एंट्री नहीं मिली है. मामला तब बढ़ गया जब छात्र की मां ने छात्र के भविष्य को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पत्राचार कर दिया. खंड शिक्षा अधिकारी भी विद्यालय पहुंचे और दोनों पक्षों की बात को सुने बावजूद इसके अभी तक छात्र को विद्यालय में एंट्री नहीं मिल पाई है.
गाजीपुर के मनिहारी ब्लॉक का गौसपुर बुजुर्गा गांव जहां पर कंपोजिट विद्यालय बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित है. इसी विद्यालय में कक्षा 5 में आदित्य कुमार पढ़ाई करता है. आदित्य स्कूल में दोस्तों के साथ बैठकर भोजपुरी गाना गा रहा था. प्रिंसिपल ने जब उसे ऐसा करते देखा तो अनुशासनहीनता के आरोप में विद्यालय से निष्कासित कर दिया. इसी विद्यालय में आदित्य की मां रिंकू रसोईया का काम करती हैं. मां ने बेटे की तरफ से माफी भी मांगी. लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया. एक महीने बाद भी छात्र को स्कूल में आने नहीं दिया जा रहा.
‘प्रिंसिपल ने सबके सामने कही थी ये बात’
आरोप है कि प्रधानाचार्य ने प्रार्थना सभा के दौरान सभी छात्रों के सामने यह भी कहा- मुख्यमंत्री भी चाहेंगे तब भी तुम्हें स्कूल में घुसने नहीं दिया जाएगा. वहीं, इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस तरह का प्रकरण उनके संज्ञान में आया था. जिसके लिए उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय पर भेज कर दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर बातचीत करने का निर्देश दिया था. जिसके क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय पहुंचे थे और दोनों की वार्ता भी हुई और छात्र को अगले दिन विद्यालय आने का निर्देश दिया गया.
छात्र ने छात्रा को किस करने की कोशिश की
प्रिंसिपल के द्वारा प्रार्थना सभा में कहीं गई बात पर जब जवाब जानना चाहा तब उन्होंने कहा की उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है. यदि ऐसी बात है तो कल वो खुद महिला और उसके बच्चे को अपने कार्यालय बुलाकर पूरी बातों को समझेंगे. वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी ने यह भी बताया की छात्र के द्वारा विद्यालय की छात्रा के साथ अश्लील हरकत (किस) करने का प्रयास किया गया था. जिसके तहत वहां के प्रिंसिपल उसे पनिशमेंट देते हुए 10 दिन के लिए विद्यालय से निष्कासित किया था.