Afeem Ki Kheti: पेंशन से खत्म नहीं हो रही थी खर्च की टेंशन! लालच में शुरू कर दी अफीम की खेती, अब हुई जेल

Illegal Opium Farming: सिंगरौली पुलिस (Police) ने पहली बार ड्रोन (Drone) तकनीक का इस्तेमाल कर अवैध अफीम की खेती (Afeem Ki Kheti) का खुलासा किया है. ये मामला माड़ा थाना क्षेत्र के धनहरा गांव का है. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. वहीं करीब 1 लाख रुपए कीमत की 450 अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं. आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार 65 साल के एक बुजुग व्यक्ति ने पैसे कमाने की चाह में अपने घर में ही अफीम की खेती करने लगा था और अपराधी बन गया.

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NCL से रिटायर हो चुके शख्स के यहां पुलिस का एक्शन

आरोपी भारत सरकार की मिनी रत्न कोल इंडिया की कंपनी एनसीएल में 40 सालों तक अपनी सेवाएं दी हैं. रिटायरमेंट के बाद वह अपने खेत मे अफीम की खेती करने लगा, पुलिस को जैसे ही इसकी भनक लगी, तो पुलिस की टीम वहां पहुंची और ग्राउंड जीरो की स्थिति देखकर दंग रह गई.

जानकारी के लिए बता दें कि अफीम की खेती के लिए नारकोटिक्स डिपार्टमेंट से लाइसेंस लेना जरूरी है. सिंगरौली और आसपास के जिलों में केंद्र सरकार की तरफ से ऐसा कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है. इस वजह से यहां कोई भी व्यक्ति अफीम की खेती नहीं कर सकता. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या जिले में और भी लोग चोरी-छिपे अफीम की खेती कर रहे हैं.

इस मामले में सिंगरौली पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि अवैध मादक पदार्थो की तस्करी एवं संग्रहण और खेती में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन प्रहार चलाया जा रहा है. इसी दौरान 25 फ़रवरी को मुखबिर द्वारा माडा थाना क्षेत्र के ग्राम धनहरा निवासी सेवानिवृत एनसीएल कर्मी द्वारा अपने घर के पीछे बाउंड्री बाल के अंदर अवैध अफीम की खेती करने की सूचना प्राप्त हुई थी. इसकी टीम गठित कर एसडीओपी मोरवा कृष्ण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में ड्रोन कैमरे से वीडियो व फोटो लेकर जांच की गई. इसमें लगभग 450 नग अफीम के पौधे लगे हुए थे.

 

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