भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. काशी और मथुरा पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘दोनों मामले कोर्ट में हैं, लेकिन मेरा दिल हिंदू है और मेरी आस्था काशी और मथुरा में मंदिर देखना चाहती है.’ ऑपरेशन सिंदूर पर उन्होंने कहा कि हमारा अंतिम लक्ष्य पीओके को वापस लेना है. उन्होंने साफ कहा कि ‘हमारा मकसद तभी पूरा होगा जब पीओके भारत में शामिल होगा.’
भारतीय सेना पर सवाल उठाने वालों पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग न सेना का सम्मान करना जानते हैं और न ही राजनीति करने के काबिल हैं. उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद एक दिन पाकिस्तान को खुद खत्म कर देगा. पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है.’
‘जनता का दिल जीतकर जीते जाते हैं चुनाव’
विपक्ष की ओर से लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘इलेक्शन, चुनाव आयोग में नहीं, जनता का दिल जीतकर जीते जाते हैं. राहुल गांधी सेना का अपमान करते हैं, अनुच्छेद 370 बहाल करने की बात करते हैं, राम मंदिर के कार्यक्रम में भी नहीं गए. राष्ट्रीय गौरव को ठुकराकर चुनाव नहीं जीते जाते. राहुल को बोलने से पहले सोचना चाहिए या याददाश्त के लिए होम्योपैथिक दवा लेनी चाहिए.’
‘लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का’
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भी आपातकाल लगाने के बाद चुनाव हार गई थीं क्योंकि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है. 2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में अदालत से सभी आरोपियों के बरी होने पर उमा भारती ने कहा कि यह हिंदुओं को बदनाम करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने की साजिश थी. उन्होंने आरोप लगाया कि साध्वी प्रज्ञा सिंह को इतनी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया कि आज वे चल भी नहीं पातीं. लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को भी बुरी तरह यातना दी गई.
‘पार्टी में योगदान की कोई उम्र तय नहीं’
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र पटवारी के बयान पर उन्होंने कहा कि ‘उन्हें खुद नहीं पता कि क्या बोल रहे हैं. कांग्रेस खत्म हो चुकी है, कई नेता रिटायर हो गए हैं और नई पीढ़ी भाजपा में आ रही है. पटवारी अकेले रह गए हैं.’ रिटायरमेंट की उम्र पर बहस को लेकर उमा भारती ने कहा कि ‘किसी भी संस्था या पार्टी में योगदान की कोई उम्र तय नहीं होती. राजनीति एक मंच है और योगदान मेरी क्षमता है.’