दुनिया का सबसे छोटा फुटबॉल स्टेडियम 60 वोल्ट के बल्ब में तैयार, 24 खिलाड़ी व अंपायर आए नजर, आंखों को चौकाने वाला नजारा

उदयपुर: के प्रसिद्ध सूक्ष्म शिल्पकार डॉ. इक़बाल सक्का ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर एक अनोखा फुटबॉल स्टेडियम तैयार किया है, जो 60 वोल्ट के एक बल्ब के अंदर बसा हुआ है. यह दुनिया का सबसे छोटा फुटबॉल मैदान माना जा रहा है, जिसकी लंबाई महज 5 सेंटीमीटर और चौड़ाई 3 सेंटीमीटर है. इस अनूठी रचना में 24 खिलाड़ी, 2 रेफरी और एक उड़ती हुई फुटबॉल दर्शाई गई है. खिलाड़ियों की ऊंचाई 1-2 सेंटीमीटर और फुटबॉल का आकार मात्र 2 मिमी है.

उदयपुर. फुटबॉल का खेल दुनिया भर में अपनी लोकप्रियता के लिए जाना जाता है. आपने बड़े मैदानों में खिलाड़ियों को फुटबॉल खेलते हुए और हवा में गेंद को उड़ते हुए कई बार देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह खेल एक छोटे से बल्ब के अंदर भी खेला जा सकता है? सुनकर हैरानी जरूर होगी, लेकिन यह सच है. उदयपुर शहर के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शिल्पकार डॉ. इक़बाल सक्का ने एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है, जो कला और तकनीक का अद्भुत संगम है.

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर डॉक्टर सक्का ने 60 वोल्ट के एक साधारण बल्ब के अंदर दुनिया का सबसे छोटा फुटबॉल मैदान तैयार किया है.यह मैदान सिर्फ 5 सेंटीमीटर लंबा और 3 सेंटीमीटर चौड़ा है, जिसमें दो टीमों के 24 खिलाड़ी, दो रेफरी और हवा में उड़ती हुई फुटबॉल दिखाई गई है.

फुटबॉल के खिलाड़ियों की ऊंचाई 1 से 2 सेंटीमीटर है और फुटबॉल का आकार मात्र 2 मिलीमीटर का है. गोल पोस्ट की लंबाई 1 सेंटीमीटर और ऊंचाई आधा सेंटीमीटर है. खास बात यह है कि मैदान में चांदी की जाली और हरियाली के लिए सूक्ष्म घास का उपयोग किया गया है. लेंस की सहायता से देखे जाने वाले इस मैदान में मध्य रेखा, गोल रेखा, टच लाइन, केंद्र सर्कल, लॉन्ग एरिया जैसे सभी फुटबॉल मैदान के बारीक हिस्से बेहद सजीवता के साथ उकेरे गए हैं.

डॉ. सक्का ने बताया कि यह रचना उन्होंने देश के खिलाड़ियों को समर्पित करते हुए राष्ट्रीय खेल दिवस पर तैयार की है. यह केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि देश में खेलों के प्रति सम्मान और जुनून का प्रतीक है. उन्होंने इसे विश्व रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराने की भी घोषणा की है. डॉ. सक्का पहले भी सोने और चांदी की सूक्ष्म कलाकृतियों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके हैं. उनकी यह नवीनतम कृति न केवल तकनीकी कौशल की मिसाल है, बल्कि यह दर्शाती है कि कल्पना और समर्पण से किसी भी सीमा को पार किया जा सकता है.

Advertisements
Advertisement