भारतीय होने का इससे अच्छा समय नहीं हो सकता : CRISIL के ईवेंट में गौतम अदाणी

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी का कहना है कि वित्तवर्ष 2032 तक भारत 10 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर (10 ट्रिलियन डॉलर) की अर्थव्यवस्था बन जाएगा, और बुनियादी ढांचे पर कुल खर्च भी 2.5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा होगा.

Advertisement

क्रेडिट रेटिंग कंपनी क्रिसिल (CRISIL) के वार्षिक इन्फ़्रास्ट्रक्चर शिखर सम्मेलन ‘इन्फ़्रास्ट्रक्चर : द कैटेलिस्ट फ़ॉर इंडिया’ज़ फ़्यूचर’ के दौरान गौतम अदाणी ने अपने अनुमानों का ज़िक्र करते हुए अगले आठ साल में भारत के 10 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाने की बात कही. अदाणी ग्रुप के चेयरमैन का कहना था, “हमारे अनुमान बताते हैं कि वित्तवर्ष 2032 तक भारत का 10 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर (10 ट्रिलियन डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य है – और उस वक्त बुनियादी ढांचे पर कुल खर्च 2.5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा होगा… और इस पूरे खर्च का लगभग एक चौथाई, यानी 25 फ़ीसदी ऊर्जा और ऊर्जा परिवर्तन पर होने की उम्मीद है…”

गौतम अदाणी ने अपने संबोधन में दावा किया कि भारत की असली तरक्की होना अभी शेष है. उन्होंने कहा, “भले ही हर देश की अपनी चुनौतियां होती हैं, लेकिन मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि भारत की असली तरक्की, असली विकास अभी होना बाकी है… ऐसा मंच पहले से दुनिया में मौजूद है, जिसकी बदौलत कई ट्रिलियन-डॉलर मार्केट स्पेस तैयार हो सकते हैं…”

गौतम अदाणी ने ग्रीन इलेक्ट्रॉन को किसी भी मुल्क की आर्थिक तरक्की की राह में बेहद अहम कारक करार दिया और कहा, “ग्रीन इलेक्ट्रॉन की उपलब्धता ही किसी देश के आर्थिक विकास को गति देने वाला सबसे अहम पहलू होगी… और मेरी राय में ग्रीन इलेक्ट्रॉन के बाज़ार में आज के दौर में तरक्की की कोई हद नहीं है…” उन्होंने दावा किया, “हम दुनिया के सबसे कम कीमत वाले ग्रीन इलेक्ट्रॉन का उत्पादन करेंगे, जो ऐसे कई सेक्टरों के लिए फ़ीडस्टॉक बनेगा, जिन्हें सस्टेनेबिलिटी की ज़रूरतों को पूरा करना ही होगा…”

अदाणी समूह के चेयरमैन ने घोषणा की कि समूह ग्रीन एनर्जी के उत्पादन के लिए उपकरण निर्माण सहित एनर्जी ट्रांज़िशन परियोजनाओं पर 100 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का निवेश करने की योजना बना रहा है. अदाणी ग्रुप सोलर पार्क, पवन फार्म और ग्रीन हाइड्रोजन के लिए इलेक्ट्रोलाइज़़र का उत्पादन करने की सुविधाएं विकसित कर रहा है.

Advertisements