इन फलों का जूस सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक, जानें और बचें इन गलतियों से..

फलों का जूस हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें हर तरह के प्रोटीन, मिनरल्स और विटामिंस पाए जाते हैं .जो हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं. यह शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से हमारे शरीर को एक्टिव बनाए रखता है. डॉक्टर भी बीमारियों से दूर रहने के लिए फलों का जूस पीने की सलाह देते हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी फल हैं,  जिनका जूस हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है.

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यूं तो संतरे का जूस या फ्रूट स्मूदी को काफी फायदेमंद माना जाता है. लेकिन एक्सपर्टस का कहना है .कि इसे ज्यादा पीने से ब्लड शुगर बढ़ सकती है. डायबिटीज यूके नामक संस्थान से जुड़े एक्सपर्ट की मानें तो संतरे का अगर जूस निकालकर पिया जाता है .तो उससे शरीर में ग्लूकोज बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में ज्यादा संतरे का जूस इंसान को डायबिटीज जैसी बीमारी का शिकार बनवा सकता है.

वहीं जो संतरे का जूस बाजार में पैक्ड रूप में मिलता है, वह और ज्यादा खतरनाक हो सकता है क्योंकि उसमें स्वाद बढ़ाने के लिए अलग से चीनी भी मिलाई जाती है.

फल खाना क्यों हैं जूस पीने से ज्यादा बेहतर

फलों में फाइबर, विटामिंस और मिनरल्स होते हैं जो हमारे पूरे शरीर की सेहत के लिए अच्छा होते हैं. खासतौर पर फाइबर रक्त प्रवाह में फ्रुक्टोज के एब्जॉर्ब करने की मात्रा को धीमा करने में मदद करता है. इसके कारण लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. यही कारण है कि जूस या स्मूदी से पूरा फल ही खा लेना ज्यादा बेहतर होता है.

ज्यादा जूस शरीर में बढ़ाता है शुगर की मात्रा

दूसरी ओर फलों का जूस या स्मूदी जब बनता है तो उससे अधिकतर फाइबर की मात्रा निकल जाती है.  ऐसे में एक बार में ही हम ज्यादा मात्रा में आसानी से जूस पी लेते है. इसका मतलब यह है .इसका मतलब यह है कि हम एक बार में ही ज्यादा कैलोरी, कार्ब्स और चीनी लेते है.

NHS के अनुसार, ज्यादा चीनी खाने का संबंध मोटापे से है. जो कई बीमारियों का जड़ होता है. इसके कारण ह्रदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर और टाइप दो डायबिटीज  सहित कई बीमारियां हो सकती है.

‘द ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन का मानना है कि  चीनी वाली स्मूदीज किसी भी हेल्दी डाइट का शॉर्टकट नहीं हो सकता.  हालांकि इस पर अभी रिसर्च जारी है. साल 2022 की एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग तरह-तरह के फल खाते हैं उनमें ग्लूकोज की मात्रा उन लोगों के मुकाबले कम होती  हैं जो एक ही फल ज्यादा मात्रा में खाते हैं.

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