आपने अक्सर सुना होगा अपराधी भेष बदलकर अपराध करते हैं या अपराध के बाद पुलिस से बचने के लिए भेष बदल लेते हैं. ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने विदेशियों को नागरिकता दिलाना के लिए कई बार अपनी पहचान बदली. ब्रिटिश महिला ने मंगलवार को स्वीकार किया कि उसने एक दर्जन से ज्यादा विदेशियों के लिए धोखाधड़ी से ब्रिटिश नागरिकता परीक्षा दी और इसमें वह विग और अन्य भेष धारण कर बेठी.
61 साल की जोसेफिन मौरिस ने स्नेरेसब्रुक क्राउन कोर्ट में कबूल किया कि उसने धोखे से 13 अलग-अलग पुरुषों और महिलाओं के लिए यूके का ‘लाइफ इन द यूके टेस्ट’ दिया. गृह मंत्रालय ने कहा कि महिला ने असल आवेदकों की तरह दिखने और जून 2022 से अगस्त 2023 के बीच उनकी ओर से परीक्षा देने के लिए कई तरह के विग और अन्य भेष धारण किए. जिसमें जेंडर बदलना भी शामिल है.
पैसे कमाने के लिए बदले भेष
गृह मंत्रालय के इम्मीग्रेंट अधिकारी फिलिप पार ने कहा, “माना जाता है कि इस महिला ने जांच से बचने के लिए एक पूर्व नियोजित योजना बनाई थी, अधिकारियों से बचने के लिए देश भर में भेष बदलने और परीक्षण केंद्र स्थानों का सावधानीपूर्वक चयन किया था. इस तरह के अपराध करने वाले कई अपराधियों की तरह, हमारा मानना है कि उसका मकसद पैसा कमाना था.”
24 सवाल वाला टेस्ट जो ब्रिटिश इतिहास, मूल्यों और समाज की समझ के लिए होता है, उसे स्थायी निवास या नागरिकता लेने के लिए पास करना जरूरी होता है. अगर ये टेस्ट पास नहीं होता है, तो ब्रिटेन की नागरिकता मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है. जिसके वजह से प्रवासी लोग इसे पास करने के लिए अवैध तरीके भी अपना लेते हैं.
20 मई को सुनाई जाएगी सजा
मॉरिस इस समय यूके की ब्रॉन्जफील्ड जेल में बंद है, उन्होंने कोर्ट की सुनवाई में वर्चुअल तरीके से हिस्सा लिए. जिसमें मॉरिस ने कबूल किया कि उन्होंने धोखाधड़ी करने के लिए दूसरों के साथ मिलकर साजिश रचने और दो लोगों के प्रोविजनल ड्राइविंग लाइसेंस रखने की बात स्वीकार. अब इस मामले में उन्हें 20 मई को सजा सुनाई जाएगी.