टॉवर कंपनी की दादागिरी : इटावा में किसान को अनुबंध के पैसे देने से इनकार, भाकियू दिलाएगा इंसाफ

सैफई/इटावा : एक निजी टावर कंपनी द्वारा किसान के उत्पीड़न का मामला गरमा गया है. भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है और कंपनी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है. घटना मधैयापुर गांव की है, जहां शिशुपाल सिंह नामक एक किसान ने 2015 में वोडाफोन कंपनी के साथ 20 साल का अनुबंध किया था.

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अनुबंध के अनुसार, कंपनी को उनकी जमीन पर एक टॉवर लगाने के लिए प्रति माह 20,000 रुपये का भुगतान करना था. हालांकि, कंपनी ने शुरुआत में केवल 5,400 रुपये का भुगतान किया. अनुबंध में यह भी उल्लेख किया गया था कि 10 साल बाद किराया बढ़ाकर 14,600 रुपये कर दिया जाएगा, लेकिन कंपनी अब ऐसा करने से इनकार कर रही है.

इस मामले में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष संजीव किसान ने कंपनी पर गुंडागर्दी और दबंगई का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्र कांत द्विवेदी पुलिस की मदद से किसान का उत्पीड़न कर रहे हैं, जो अस्वीकार्य है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी साइट नहीं हटाती है और किसान को अनुबंध के अनुसार भुगतान नहीं करती है, तो वे आंदोलन करेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे.

किसानों और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कंपनी के व्यवहार की निंदा की है और किसान के प्रति एकजुटता दिखाई है. रामौतार प्रधान, इकबाल बहादुर, बलराम सिंह, राम किशोर मूल चंद्र, ब्रजेश सिंह, राजवीर सिंह, सच्चिदानंद, केहरी सिंह, शिवराज सिंह, मुनेश सिंह, मनोज सिंह और शीलेश कुमार सहित कई स्थानीय लोग किसान यूनियन के आंदोलन में शामिल हुए हैं.

भारतीय किसान यूनियन ने कहा है कि वे इस मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे और किसान को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे. उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कंपनी उनकी मांगों को नहीं मानती है, तो वे आंदोलन को तेज करेंगे. स्थानीय लोग इस घटना पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि किसान को जल्द ही न्याय मिलेगा.

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