उदयपुर: जमीन धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक 65 वर्षीय महिला की आधी बीघा जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प ली गई. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
मामले का खुलासा तब हुआ जब बूझड़ा निवासी 65 वर्षीय काउड़ी गमेती को पटवारी से पता चला कि अरावली ताज होटल के पास स्थित उनकी जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है. यह सुनकर हैरान हुई काउड़ी गमेती ने रजिस्ट्रार कार्यालय से जब रजिस्ट्री की कॉपी निकाली, तो पता चला कि उनकी जगह किसी फर्जी महिला को खड़ा करके उनके नाम की जमीन बेच दी गई है.
जांच में सामने आया कि 25 जून 2025 को हीरालाल गमेती के नाम एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) तैयार किया गया, जिसमें एक डमी खातेदार महिला, जिसका नाम मोहनी बाई बताया गया, का इस्तेमाल किया गया. इस मुख्तारनामा के आधार पर हीरालाल गमेती ने 4 जुलाई 2025 को वह जमीन मन्नाराम भील को बेच दी.
इस धोखाधड़ी की जानकारी मिलते ही काउड़ी गमेती ने बड़गांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया, जिसका नेतृत्व वृताधिकारी कैलाश चंद्र बोरीवाल कर रहे थे। टीम ने तकनीकी और खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए सभी आरोपियों की पहचान की.
पुलिस ने इस मामले में डमी खातेदार महिला मोहनी बाई, मुख्तारनामा के गवाह हीरालाल गमेती, जमीन खरीदने वाले मन्नाराम भील और मुख्य षड्यंत्रकर्ता तुलसीराम उर्फ दिनेश डांगी को हिरासत में लिया. पूछताछ में चारों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशानुसार, यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा के सुपरविजन में की गई. पुलिस अब इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है. यह गिरफ्तारी उदयपुर पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।