उदयपुर: काइन हाउस में फर्जीवाड़े का आरोप, नगर निगम कर्मचारी नहीं दिखा पाए एंट्री रजिस्टर

उदयपुर: नगर निगम की पशु पकड़ने वाली गाड़ी द्वारा तीतरड़ी, बिलिया और धोल की पाटी के पंचायत क्षेत्रों से पशुओं को उठाने के आरोप के बाद शनिवार को तीतरड़ी के काइन हाउस में जमकर हंगामा हुआ. बड़ी संख्या में पशुपालकों ने निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी भैंस और बछड़ों को शहर की सीमा से बाहर से अवैध तरीके से पकड़ा जा रहा है.

पशुपालकों का आरोप है कि नगर निगम की टीम शहरी सीमा से बाहर पंचायत क्षेत्रों से भैंस-बछड़े तक पकड़कर काइन हाउस में बंद कर रही है, जबकि नियमानुसार पंचायत क्षेत्र नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते. पशुपालकों ने बताया कि पिछले दिनों उनकी आधा दर्जन से ज्यादा भैंसें और बछड़े गायब हो गए थे. जब वे तलाश करते हुए काइन हाउस पहुंचे, तो उन्हें वहां अपने पशु मिले.

शनिवार सुबह जब वे जनप्रतिनिधियों के साथ अपने पशुओं को छुड़ाने पहुंचे, तो निगम अधिकारियों ने उनसे जुर्माना राशि जमा कराने को कहा. इस पर पशुपालकों ने विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया. उनका कहना था कि शहर में भैंस नहीं घूमती, फिर भी निगम की टीम पंचायत क्षेत्रों से पशु पकड़कर फर्जी कार्रवाई कर रही है.  उन्होंने निगम कर्मचारियों पर कागजी कार्रवाई में हेराफेरी करने और फर्जी एंट्री रजिस्टर बनाकर उन्हें बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया.

हंगामे की सूचना पर नगर निगम के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और पशुपालकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब मीडिया ने एंट्री रजिस्टर दिखाने को कहा तो निगम कर्मचारियों ने कोई भी विवरण देने से साफ इनकार कर दिया. इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

पशुपालकों की मांग है कि इस मामले की उचित जांच की जाए और उनके पशुओं को बिना किसी शर्त के वापस किया जाए. यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वह इस मामले पर स्पष्टीकरण दे.  यह स्थिति दिखाती है कि किस तरह स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की कमी बढ़ रही है, और पारदर्शिता की मांग जोर पकड़ रही है।

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