पुलिस पर आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वही वर्दीधारी अगर अपराधियों का साथ देने लग जाए तो कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा होना लाज़मी है. उत्तर प्रदेश के झांसी से ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां हवालात ड्यूटी पर तैनात सिपाही बंटी ठाकुर ने महिला अधिवक्ता की मदद से जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र राजपूत को मोबाइल उपलब्ध कराया फिर इसी मोबाइल से हिस्ट्रीशीटर के द्वारा कारोबारी को गोली मारने की धमकी दी गई. देखते ही देखते यह ऑडियो वायरल हो गया. कारोबारी ने पूरी जानकी उजागर कर पुलिस से शिकायत की तो मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
पुलिस की गहनता से हुई छानबीन में पता चला कि सिपाही बंटी ठाकुर लंबे समय से यह धंधा कर रहा था. वह पेशी पर आने वाले आरोपियों से 500 रुपये लेकर उन्हें किसी भी नंबर पर बात कराने की सुविधा प्रदान करा देता था. इसके लिए मोबाइल फोन कचहरी में बैठने वाली महिला अधिवक्ता सना से लेता था. रोजाना सुबह जब सना कचहरी में प्रैक्टिस के लिए आती थी तो मोबाइल बंटी को पकड़ा देती और शाम तक वह इसी से आरोपियों का मोबाइल सर्विस सेंटर चलाया था.
कारोबारी और परिवार में मचा हड़कंप
मंगलवार को थाना चिरगांव के पहाड़ी चुंगी निवासी कारोबारी अनिल कुमार जैन ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई थी. अनिल ने आरोप लगाते हुए बताया था कि जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र राजपूत ने मोबाइल से उसे जान से मारने की धमकी दी है. धमकी का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वीरेंद्र साफ-साफ गोली मारने की बात कर रहा था. इस धमकी से न सिर्फ कारोबारी बल्कि पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए.
महिला अधिवक्ता का नाम भी आया सामने
पुलिस ने जब कॉल डिटेल खंगाली तो धमकी देने के लिए इस्तेमाल हुआ नंबर खुशीपुरा निवासी सना का निकला. सना झांसी कचहरी में प्रैक्टिस करती है. उससे पूछताछ की गई तो सारा खेल उजागर हुआ. सना ने बताया कि वह फोन बंटी को देती थी, और वही जेल से पेशी पर आए कैदियों को मोबाइल इस्तेमाल करने देता था और कैदियों की लोगों से बातचीत कराता था जिसके एवज में बंटी 500रु लेता था.
सिपाही ने कबूली अपनी करतूत
जब मामला तूल पकड़ने लगा तो पुलिस ने अपनी जांच और तेज कर दी जिसमें शुक्रवार को पुलिस ने सिपाही बंटी ठाकुर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. पहले तो वह बचता रहा, लेकिन जब साक्ष्य सामने आए तो उसने सब कुछ कबूल कर लिया. उसने बताया कि पेशी पर आने वालों से 500 रुपये लेकर वह उनकी फोन पर बात कराता था. वीरेंद्र ने भी इसी फोन से कारोबारी अनिल जैन को दो बार धमकाया.
छह महीने से ड्यूटी पर था तैनात सिपाही
जानकारी के अनुसार बंटी ठाकुर 2023 से झांसी में तैनात है. पिछले छह महीनों से उसे हवालात ड्यूटी दी गई थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात सना से हुई और दोनों ने मिलकर यह खेल शुरू किया. धीरे-धीरे यह 500 रुपये का मोबाइल पैक कई आरोपियों की जरूरत पूरी करने लगा.
झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की किया सस्पेंड
जैसे ही इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ, झांसी के एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने तुरंत कार्रवाई की. सिपाही बंटी ठाकुर को निलंबित कर दिया गया और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. साथ ही, जेल ड्यूटी पर तैनाती की प्रक्रिया की भी समीक्षा होगी ताकि आगे ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके.