इटावा: भरथना में गुरुवार दोपहर हाईटेंशन लाइन के तारों से निकली चिंगारी ने चार किसानों की करीब 28 बीघा गेहूं की फसल को पल भर में राख के ढेर में तब्दील कर दिया, आंखों के सामने अपनी खून-पसीने की कमाई को जलता देख किसानों का कलेजा फट गया, और वे फूट-फूट कर रो पड़े.
यह दर्दनाक हादसा ग्राम नगला गुदे के पास काशीराम कॉलोनी के समीप हुआ। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के तारों से अचानक निकली चिंगारी ने नीचे खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने खेतों में कटे पड़े गेहूं के गट्ठरों और खड़ी फसल को अपनी लपटों में ले लिया, तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, जिससे देखते ही देखते पूरा खेत धू-धू कर जलने लगा.
आग की लपटें देख आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि उनकी सारी कोशिशें नाकाम रहीं। इसी दौरान दमकल विभाग को सूचना दी गई, दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने काफी मशक्कत कर आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की.
इस अग्निकांड में ग्राम कंधेसी निवासी किसान मुकेश तिवारी की 18 बीघा, श्याम किशोर तिवारी की 3 बीघा, नगला गुदे निवासी उमेश चंद्र की 5 बीघा और नगला राजा निवासी स्नेहलता की 2 बीघा फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। किसानों ने बताया कि उनकी फसल पककर तैयार थी और कुछ ही दिनों में कटाई होने वाली थी, लेकिन हाईटेंशन लाइन की चिंगारी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, स्थानीय अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके.
इस घटना ने एक बार फिर किसानों की समस्याओं को उजागर कर दिया है, किसानों का कहना है कि, उन्हें अक्सर बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ता है, हाईटेंशन लाइन के तारों में स्पार्किंग होना आम बात है, लेकिन विभाग इस पर ध्यान नहीं देता है, किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली विभाग की लापरवाही की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.