चंदौली: जिले में मृतक आश्रित कोटे के तहत फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने और पेंशन लेने का मामला सामने आया है. अलीनगर थाना क्षेत्र के कठौडी गांव निवासी सूरज लाल और उसकी मां उर्मिला देवी पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज हुआ है. यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश पर की गई.
याचिकाकर्ता अखिलेश राव ने न्यायालय में दायर याचिका में आरोप लगाया कि सूरज लाल ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, वाराणसी में माली के पद पर नौकरी प्राप्त की है. वहीं, उसकी मां उर्मिला देवी अपने दिवंगत पति के नाम पर पेंशन प्राप्त कर रही हैं. सूरज लाल पर आरोप है कि उसने अपने चाचा बिजेंद्र को पिता दिखाकर फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र और दस्तावेज तैयार किए. सरकारी विद्यालयों से जारी कक्षा 5 और 8 के अंकपत्रों में उसके पिता का नाम सत्येंद्र कुमार है. वहीं, एक निजी विद्यालय “बाल विद्या मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय सदलपुरा” से जारी प्रमाणपत्र में पिता का नाम बिजेंद्र है. इसी फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर सूरज लाल को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली.
सूरज लाल की मां उर्मिला देवी ने बिजेंद्र को अपने पति के रूप में दिखाकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर के एसडीएम कार्यालय से 30 जनवरी 2024 को निवास प्रमाणपत्र जारी करवाया. इसी प्रमाणपत्र के आधार पर पेंशन प्राप्त की जा रही है.
न्यायालय ने दिया मुकदमा दर्ज करने का आदेश
न्यायालय ने इस फर्जीवाड़े को गंभीर मानते हुए अलीनगर पुलिस को मां-बेटे पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 335, 336 और 338 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि, न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की गहराई से जांच की जा रही है. यह मामला न केवल दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सरकारी तंत्र की लापरवाही को भी उजागर करता है, ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई के साथ दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को सख्त किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी रोकी जा सके।