Uttar Pradesh: सहारनपुर संसद में वक़्फ़ संशोधन बिल पेश किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि, यह बिल असंवैधानिक है और मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है, सरकार अपनी संख्यात्मक बहुमत के बल पर इसे पारित कराने की कोशिश कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है.
इस बिल को जबरन संसद में लाया गया है, जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करना है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है, जिस तरह से यह बिल तैयार किया गया है और जिस मानसिकता के साथ इसे पेश किया जा रहा है, वह मुसलमानों के खिलाफ नकारात्मक रवैया दर्शाता है. हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पुराने कानून में सुधार की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने ऐसे संशोधन प्रस्तावित किए हैं जो समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें और जटिल बना रहे हैं.
एक अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य के रूप में, मैं साफ़ तौर पर कहना चाहता हूं कि यह बिल पूरी तरह अस्वीकार्य है और हम इसे पूरी तरह खारिज करते हैं, इसके खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी, और हम हर संवैधानिक व शांतिपूर्ण तरीके से इस अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज उठाते रहेंगे.