वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संविदा पर शिक्षण और प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों के लिए नया साल खुशखबरी लेकर आया है, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मानदेय बढ़ाने की इनकी लंबे समय से जारी मांग स्वीकार कर ली है.
यही नहीं इन्हें अब ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा, साथ ही सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर में उनके साथ परिजनों को भी निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जाएगा, यह लाभ उन्हें एक जनवरी 2025 से मिलने लगेगा.
बीएचयू की तरफ से तीन वर्गों में संविदा शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया गया है, संविदा पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर या टीचिंग एसोसिएट का मासिक मानदेय अब 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 63 हजार रुपये कर दिया गया है.
इसी तरह टीचिंग असिस्टेंट का मानदेय 57 हजार कर दिया गया है, इन्हें अब तक 45 हजार रुपये की धनराशि दी जौती थी, इंस्ट्रक्टर श्रेणी में बीएचयू को अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों का मानदेय भी 40 से बढ़ाकर 54 हजार रुपये कर दिया गया है.
इस तरह सभी संविदा शिक्षकों के मानदेय में 10 से 13 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है डिप्टी रजिस्टार पुष्यमित्र त्रिवेदी की तरफ से जारी अधिसूचना में सभी मानदेय शिक्षकों को ग्रेच्युटी एक्ट-1972 के अंतर्गत भी लाया गया है, सभी के मानदेय से 12 फीसदी पीएफ कटौती भी होगी, इस धनराशि में बीएचयू की तरफ से भी 12 फीसदी अंशदान जोड़ा जाएगा बता दे कि इससे पहले बीएचयू में संविदा शैक्षिक स्टाफ के मानदेय में 2018 में बढ़ोतरी की गई थी.
इसके बाद संविदा शिक्षक लगातार मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांग को मानते हुए इस वर्ष आदेश जारी किया है, इससे उनमें हर्ष का माहौल है.