भोपाल सीएम हाउस के गेट पर लगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, सूर्योदय से होगा समय का निर्धारण

मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री निवास देश का पहला सरकारी आवास बन गया है, जहां भारतीय काल गणना पर आधारित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह घड़ी सीएम हाउस के नवनिर्मित प्रवेश द्वार पर लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च कराया है, जिसमें 189 भाषाओं में पंचांग और समय देखा जा सकेगा।

इस घड़ी का निर्माण लखनऊ की संस्था ‘आरोहण’ के इंजीनियर आरोह श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ किया है। वैदिक घड़ी की खासियत यह है कि इसमें सूर्योदय पर ‘शून्य’ बजेगा और सूर्यास्त पर 15। इसके जरिए मुहूर्त गणना, पंचांग, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, मौसम और धार्मिक तिथियों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह प्रणाली भारतीय काल गणना पर आधारित है और पश्चिमी समय प्रणाली की तुलना में अधिक खगोलीय दृष्टि से सटीक मानी जाती है।

वैदिक घड़ी GMT के 24 घंटों को 30 मुहूर्त (घटी) में विभाजित करती है। प्रत्येक मुहूर्त का धार्मिक और खगोलीय महत्व है। यह घड़ी सूर्य की चाल के आधार पर समय को मापती है, जबकि सामान्य घड़ी रात 12 बजे से तारीख बदलती है और 24 घंटे के चक्र पर चलती है। इस घड़ी में घंटे, मिनट और सेकेंड की सुइयों के साथ-साथ धार्मिक समय की जानकारी भी मिलती है।

आरोह श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें यह विचार इंग्लैंड के ग्रीनविच म्यूजियम से आया था, जब उन्हें समझ में आया कि वर्तमान समय प्रणाली पूरी दुनिया पर थोपी गई है। उन्होंने भारत की प्राचीन वैदिक समय प्रणाली को तकनीक के जरिए व्यवहारिक बनाने का संकल्प लिया। उनकी टीम ने 2020 में इस घड़ी का सफलतापूर्वक निर्माण किया।

इस घड़ी का पहला नमूना उज्जैन के जंतर-मंतर पर लगाया गया था, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में किया था। अब मुख्यमंत्री निवास पर इसे स्थापित कर भारतीय समय प्रणाली को सम्मान और प्रचार देने का प्रयास किया गया है।

मोबाइल एप के जरिए लोग वैदिक समय, सूर्योदय, भारतीय पंचांग, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, पर्व-त्योहार और शुभ-अशुभ मुहूर्त जैसी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे आने वाले समय में भारतीय समय गणना को जन-जन तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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