जब जीजा की जगह परीक्षा देने पहुंचा साला, फिर जो हुआ जानकर रह जाएंगे दंग, जानें पूरा माजरा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर में ओपन स्कूल परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया. परीक्षा में पास होने के लिए एक युवक ने अपने जीजा की जगह परीक्षा देने की कोशिश की, लेकिन सतर्क पर्यवेक्षकों ने उसकी चालाकी पकड़ ली. मामला सामने आते ही पुलिस को सूचना दी गई. अब दोनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं.

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पुसौर के शासकीय स्कूल झलमला में ओपन स्कूल की दसवीं कक्षा की परीक्षा चल रही थी. परीक्षा हॉल में बैठे अमन सारथी की हरकतों पर पर्यवेक्षकों को संदेह हुआ. जब उसके कागजातों की जांच की गई, तो सामने आया कि वह असली परीक्षार्थी नहीं था.

पुलिस की सख्ती और कबूलनामा

एडिशनल एसपी रायगढ़, आकाश मरकाम ने बताया कि पर्यवेक्षकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अमन को हिरासत में लिया. पूछताछ में अमन ने स्वीकार किया कि वह अपने जीजा यादराम सारथी की जगह परीक्षा देने आया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत धरमजयगढ़ में दबिश देकर यादराम सारथी को भी गिरफ्तार कर लिया.

हीरो बनने चला था, सीधे जेल पहुंच गया

अमन को लगा था कि वह अपने जीजा के लिए परीक्षा देकर ‘हीरो’ बन जाएगा, लेकिन उसकी यह चाल उलटी पड़ गई. अब न केवल वह बल्कि उसका जीजा भी जेल में है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह पहली बार नहीं है जब किसी ने फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने की कोशिश की हो. प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है. ऐसे फर्जीवाड़े पर रोक कैसे लगाई जाए, ताकि भविष्य में कोई और ‘मुन्ना भाई’ परीक्षा केंद्र में घुसने की हिम्मत न करे.

कैसे हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

यह मामला 1 अप्रैल 2025 को पुसौर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित दसवीं कक्षा की विज्ञान विषय की परीक्षा के दौरान सामने आया. परीक्षा कक्ष क्रमांक 01 में जब पर्यवेक्षक उपस्थिति पत्रक की जांच कर रहे थे, तब उन्हें एक परीक्षार्थी संदिग्ध लगा. जब प्रवेश पत्र में लगी तस्वीर और परीक्षा दे रहे युवक के चेहरे का मिलान किया गया, तो साफ हो गया कि दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं.परीक्षा केंद्राध्यक्ष कामता नाथ तिवारी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान उसने खुद को अमन सारथी, निवासी सराईपाली, थाना कोतरारोड, जिला रायगढ़ बताया. आगे की जांच में पता चला कि असली परीक्षार्थी यादराम सारथी फरार हो गया था. पुलिस ने तत्काल धरमजयगढ़ में दबिश डालकर उसे गिरफ्तार कर लिया.

दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में

यादराम सारथी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह परीक्षा में पास होने के लिए अपने साले अमन को अपनी जगह परीक्षा देने भेज रहा था. पुलिस ने पर्याप्त सबूत इकट्ठा करने के बाद दोनों आरोपियों—यादराम सारथी (27) और अमन सारथी (18)—को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.

सख्त निगरानी की जरूरत

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि परीक्षा प्रणाली में सख्त निगरानी की आवश्यकता है. ऐसे फर्जीवाड़ों को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त नियम और तकनीकी उपाय अपनाने होंगे, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की धोखाधड़ी करने की हिम्मत न करे. यहाँ आपके लेख को अधिक स्पष्ट, प्रभावशाली और पेशेवर तरीके से प्रस्तुत किया गया है. अगर आप इसमें और कोई बदलाव चाहते हैं, तो बताएं!

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