कहां हैं वो 250 मुर्गियां? अनंत अंबानी ने बचाई थी जान, एक को उठाकर कही थी ये बात..

देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी को पशु प्रेमी के रूप में भी जाना जाता है. इसी क्रम में अब अपने जन्मदिन से ठीक पहले अनंत अंबानी से पशु प्रेम को दिखाते हुए कुछ ऐसा किया, जिसके बाद से हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है.

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इन दिनों अनंत अंबानी जामनगर से द्वारका तक 140 किलोमीटर की पैदल यात्रा के लिए चर्चा में हैं. यात्रा के दौरान ही अनंत अंबानी ने लगभग 250 मुर्गियों को दोगुनी कीमत देकर खरीदा है. दरअसल, अपनी पैदल यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने देखा कि एक ट्रक में 250 मुर्गियों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा है. उन्होंने तुरंत उस गाड़ी को रुकवाया और ड्राइवर से बात करके मुर्गियों को दोगुनी कीमत देकर खरीद लिया.

इसके बाद उन्होंने कहा- अब हम इन्हें पालेंगे. अनंत ने एक मुर्गी को हाथ में लेकर आगे बढ़ते हुए “जय द्वारकाधीश” का नारा भी लगाया. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. अनंत अंबानी वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने प्रोजेक्ट वनतारा (वन्तारा) के जरिए सक्रिय हैं. यहां जानवरों का रेस्क्यू कर लाया जाता है. फिर यहां उनका अच्छे से ख्याल रखा जाता है. केंद्र सरकार ने हाल ही में अनंत को पशु कल्याण के लिए “प्राणी मित्र राष्ट्रीय पुरस्कार” से सम्मानित किया है. वनतारा में 2000 से अधिक प्रजातियों के 1.5 लाख से ज्यादा जानवरों को बचाया गया है.

जानकारी के मुताबिक, अनंत की यात्रा के पांचवें दिन वह वडत्रा गांव के पास विश्वनाथ वेद संस्कृत पाठशाला पहुंचे, जहां उन्होंने संस्थापक मगनभाई राज्यगुरु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. इसके बाद खंभालिया के फुललीया हनुमान मंदिर में भरतदास बापू ने उनका शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया. बापू ने अनंत को भगवान द्वारकाधीश की फोटो भेंट की, जिसे उन्होंने हाथों से लेकर आशीर्वाद के रूप में स्वीकार किया.

10 अप्रैल को द्वारका में मनाएंगे जन्मदिन

अनंत अंबानी ने अपनी यात्रा 28 मार्च को जामनगर के मोती खावड़ी से शुरू की थी. वह 10 अप्रैल को अपना 30वां जन्मदिन द्वारका में मनाएंगे. लोगों को परेशानी न हो, इसलिए वह रात के समय यात्रा कर रहे हैं.

‘भगवान द्वारकाधीश को याद करता हूं’

मीडिया से बात करते हुए अनंत ने कहा, ‘मैं हमेशा कोई भी काम शुरू करने से पहले भगवान द्वारकाधीश को याद करता हूं. युवाओं से मेरा संदेश है कि वे भगवान पर विश्वास रखें, क्योंकि जहां भगवान हैं, वहां चिंता की कोई बात नहीं.’

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